चौधरी चरण सिंह

जीवन-परिचय

 

जन्म

मेरठ, 23 दिसम्बर, 1902

शिक्षा

बी0एससी0, एम0ए0, एलएल0बी0, आगरा विश्वविद्यालय।

कार्यक्षेत्र

राजनीति, साहित्य, न्याय एवं समाजसेवा।

न्याय

एक सफल एवं योग्य वकील रहे।

राजनीति

 

·        उत्तर प्रदेश विधान सभा के स्थापनाकाल वर्ष 1937 में सर्वप्रथम विधान सभा सदस्य निर्वाचित। पुनः वर्ष 1946, 1952, 1957, 1962, 1967, 1969 व 1974 में उत्तर प्रदेश विधान सभा सदस्य निर्वाचित।

·        अप्रैल 1946 में पंडित गोविन्द वल्लभ पंत मंत्रिमंडल में सभा सचिव।

·        सितम्बर 1947 तक राजस्व मंत्री।

·        सितम्बर 1947 से अप्रैल 1948 तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री।

·        अप्रैल 1948 से जून 1950 तक न्याय मंत्री।

·        जून 1950 से जून 1951 तक न्याय, विधायिका और सूचना मंत्री से सम्बद्ध।

·        4 जून 1951 से 9 अगस्त 1951 तक न्याय एवं सूचना मंत्री।

·        9 अगस्त 1951 में राजस्व, कृषि, पशुपालन और सूचना मंत्री।

·        मई 1952 से राजस्व तथा कृषि मंत्री, 20 दिसम्बर, 1954 से अप्रैल, 1959 तक राजस्व एवं परिवहन मंत्री।

·        वर्ष 1960 में गुप्त मंत्रिमण्डल में गृह एवं कृषि मंत्री।

·        वर्ष 1962 में कृषि मंत्री।

·        अक्टूबर 1963 में कृषि एवं वन मंत्री।

·        मई 1965 में स्वाया शासन विभाग भी सौपा गया।

·        पहली बार 3 अप्रैल, 1967 से 25 फरवरी, 1968 तथा दूसरी बार 18 फरवरी, 1970 से 1 अक्टूबर, 1970 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।

·        02 मार्च, 1969 से 02 फरवरी, 1970, 03 जनवरी, 1972 से 02 फरवरी, 1972, 10 दिसम्बर, 1973 से 04 मार्च, 1974 तथा 17 मार्च, 1974 से 30 मार्च, 1977 तक नेता विरोधी दल रहे।

·        वर्ष 1977 में लोक सभा के लिये निर्वाचित होने के बाद मार्च 1977 से जून 1978 तक उपप्रधान मंत्री एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री।

·        28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 तक भारत के प्रधानमंत्री।

·        वर्ष 1980 और 1985 में पुनः लोक सभा के लिए निर्वाचित।

·        वर्ष 1929 में कांग्रेस के सदस्य।

·        वर्ष 1930, 1940 व 1942 में स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के फलस्वरूप जेल यात्रा की।

·        वर्ष 1932 से 1935 तक मेरठ जिला परिषद के उपाध्यक्ष।

·        वर्ष 1940 से 1946 तक मेरठ जिला कांग्रेस के महामंत्री एवं अध्यक्ष।

·        वर्ष 1949 से मार्च, 1956 तक उार प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल पार्टी के महामंत्री।

·        राज्य में भूमि सुधारों के प्रणेता।

·        भारतीय क्रान्ति दल एवं लोक दल पार्टी के संस्थापक रहे।

साहित्य

एक दर्जन पुस्तकें लिखीं जिनमें ''जमींदारी उन्मूलन'', ''इण्डियाज पावर्टी एण्ड इट्स सोल्यूशन'' प्रमुख हैं।

निधन

29 मई 1987 को नई दिल्ली में निधन हुआ।